पश्चिम मेदिनीपुर, 14 अक्टूबर। पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के आंतला गांव में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। सेप्टिक टैंक में काम करने के दौरान एक के बाद एक चार लोग उसके अंदर गिर गए। हादसे में चारों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बदिर मल्लिक मंगलवार को अपनी बहन के घर सेप्टिक टैंक का काम करने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी तरह वह टैंक के अंदर गिर गए। उन्हें बचाने के लिए उनकी बहन सरजिना बीबी टैंक में उतरीं, लेकिन वह भी अंदर गिर गईं।
इसके बाद सरजिना बीबी के बेटे शेख रबिउल ने अपनी मां को बचाने की कोशिश की। वह भी टैंक में गिर गए। तीन लोगों को संकट में देखकर पड़ोसी रिश्तेदार शेख साहेब उन्हें बचाने के लिए आगे आए, लेकिन वह भी टैंक के अंदर गिर गए। इस तरह बचाव की कोशिश में चारों की जान चली गई।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना में शेख अबुकलाम नामक एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर मोहनपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कराया। मंगलवार देर शाम पुलिस ने चारों मृतकों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टैंक में गिरने की वजह क्या थी और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
बचाव की कोशिश बनी जानलेवा
इस घटना में सबसे दुखद पहलू यह रहा कि एक व्यक्ति को बचाने के लिए दूसरे लोग टैंक में उतरते गए और अंततः चार लोगों की जान चली गई। हादसे ने परिवार और गांव के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सेप्टिक टैंक जैसे बंद स्थानों में जहरीली गैसों और ऑक्सीजन की कमी का खतरा रहता है। ऐसे स्थानों में किसी व्यक्ति के बेहोश होने या गिरने पर बिना सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षित बचावकर्मियों की मदद के अंदर उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। इस घटना ने बंद स्थानों में काम करते समय सुरक्षा उपायों की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
