देहरादून। युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती की तैयारी कर ली है। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ड्रग्स टेस्टिंग अभियान चलाया जाएगा। वहीं, तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने और नशे की अवैध आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए पुलिस व संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक में नशे की मांग और आपूर्ति, दोनों पर अंकुश लगाने की रणनीति तय की गई। ड्रग्स टेस्टिंग उपकरणों की कमी दूर करने के लिए दो नई सलाइवा-बेस्ड टेस्टिंग मशीनों की खरीद को मौके पर ही धनराशि स्वीकृत की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थी नशा तस्करों के आसान निशाने पर होते हैं। ऐसे में शिक्षण संस्थानों में नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। प्रत्येक संस्थान में हर महीने एक दिन निर्धारित कर छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाए। नशे के लिए युवाओं को प्रेरित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
सभी उपजिलाधिकारियों को थाना प्रभारियों के साथ नशामुक्ति केंद्रों, शिक्षण संस्थानों और आसपास की मलिन बस्तियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। नशे की गिरफ्त में आए लोगों से बातचीत कर जानकारी जुटाई जाएगी, ताकि तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भांग की अवैध खेती के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। कल्याणपुरी में भांग की खेती की शिकायत पर आबकारी विभाग ने फसल नष्ट कराई। मामले में संबंधित पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भांग, अफीम, गांजा या चरस की अवैध खेती मिलने पर संबंधित कार्मिकों की जवाबदेही तय होगी।
बैठक में बताया गया कि सितंबर 2026 तक जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 244 मुकदमे दर्ज कर 281 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े 15 मामलों में 23 आरोपी गिरफ्तार हुए। सितंबर में शिक्षण संस्थानों में 147 ड्रग्स टेस्ट किए गए, जिनकी सभी रिपोर्ट निगेटिव आईं। एएनटीएफ ने 95 स्थानों पर चेकिंग की। मेडिकल स्टोरों से संदिग्ध दवाओं के आठ नमूने जांच के लिए भेजे गए और एक स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया गया। सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।
