
बनबसा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को एनएचपीसी बनबसा, चंपावत में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष, वन संरक्षण, भूमि, वित्त, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष, वनाग्नि, बाढ़ और आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए वन विभाग की व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। वन संरक्षण से जुड़े मामलों के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन संरेखण के लिए नोडल कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) गठित की जाएगी। इसके लिए छह पद भी स्वीकृत किए गए हैं। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं और गढ़वाल को विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी देने का फैसला भी किया गया।
भूमि से जुड़े मामलों में वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने के साथ लालकुआं और जौनसार-बावर में भूमि विनियमितीकरण को मंजूरी दी गई। पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को 66.29 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने पर भी सहमति बनी।

वित्तीय मामलों में संपत्ति के क्रय-विक्रय के दौरान पैन सत्यापन लागू करने और राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी गई। वर्ष 2030-31 तक राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के तीन प्रतिशत और संचयी ऋण 30 प्रतिशत तक रखने का निर्णय लिया गया।
उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के कौशल, रोजगार क्षमता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी मिली। इससे करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पांच वर्षों में योजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में भी बदलाव किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र का प्रावधान किया गया।
इसके अलावा छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखने, सतर्कता अधिष्ठान के पुनर्गठन, समूह ‘ग’ की भर्ती में साक्षात्कार व्यवस्था में बदलाव, सिंचाई एवं जल निकासी संबंधी नए विधेयक, कुक्कुट आहार सब्सिडी के डीबीटी भुगतान, नए महानिदेशक पद के सृजन और मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन-मानदेय के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी गई।
