नई दिल्ली। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। कीर्ति शर्मा, अंकिता भकत और कुमकुम मोहोड की तिकड़ी की इस जीत के साथ एशियाई खेलों में दक्षिण कोरिया के 44 साल से चले आ रहे दबदबे का अंत हुआ।
भारतीय टीम ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल में भी दमदार प्रदर्शन किया था। चीन के खिलाफ मुकाबले में भारत ने 5-1 से जीत दर्ज कर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। फाइनल में दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम के सामने भारतीय तीरंदाजों ने दबाव के बावजूद संयम बनाए रखा और सटीक निशाने लगाए।
फाइनल के बाद कीर्ति शर्मा ने कहा कि टीम की सफलता में मानसिक मजबूती की अहम भूमिका रही। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि टीम ने विरोधियों के बजाय अपने प्रदर्शन और प्रशिक्षण के दौरान तय की गई प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया।
कीर्ति ने कहा कि तीनों खिलाड़ियों के लिए अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना और एक-दूसरे पर भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी था। उन्होंने बताया कि टीम ने नतीजे के बारे में सोचने के बजाय हर तीर पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान दिया।
हरियाणा की रहने वाली कीर्ति ने कहा कि फाइनल में टीम को छोटी-सी गलती से बचना था, क्योंकि दक्षिण कोरियाई टीम उसका फायदा उठा सकती थी। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से लेकर आखिरी तीर तक अपनी लय और आक्रामकता बनाए रखी।
हजारीबाग स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्र में कोच उधम सिंह के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली कीर्ति ने कहा कि भारत के कंपाउंड तीरंदाजों की सफलता से रिकर्व टीम का आत्मविश्वास बढ़ा था। कंपाउंड वर्ग में भारत ने पुरुष टीम, महिला टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे।
कीर्ति ने कहा कि लगातार तीन स्वर्ण पदकों ने पूरी टीम को प्रेरित किया और रिकर्व टीम भी इसी सफलता को दोहराने के लिए उत्साहित थी। महिला रिकर्व टीम के स्वर्ण के साथ एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजी अभियान को एक और बड़ी उपलब्धि मिली।