‘इस हिंदुस्तानी ने 9/11 टाल दिया’, PM मोदी ने कैप्टन स्मित के साहस को किया सलाम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्लाईदुबई विमान में कथित हमले के दौरान साहस और सूझबूझ दिखाने वाले सह-पायलट कैप्टन स्मित मछार की सराहना की। यूपीएससी के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्मित के पराक्रम ने हर देशवासी को गौरव से भर दिया है। उन्होंने बताया कि इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी इस घटना के संदर्भ में कहा कि ‘‘इस हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया।’’

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश के दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने धैर्य नहीं खोया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद हमलावर को काबू किया गया और विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित का साहस देशवासियों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्मित के पिता भूपेंद्र भाई, माता गीता बहन और पत्नी सोनल से भी बातचीत की है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से उनके शीघ्र और उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने की अपील की।

यूपीएससी के 100 साल पूरे

यूपीएससी के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने आयोग की 100 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक संस्था की उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि लोक सेवाओं में जाने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं की आकांक्षाओं और आयोग पर देशवासियों के भरोसे का भी अवसर है। इस दौरान उन्होंने शताब्दी स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया।

मोदी ने कहा कि समय के साथ सरकारें, तकनीक और पाठ्यक्रम बदले, लेकिन यूपीएससी पर लोगों का भरोसा कायम रहा। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण देते हुए कहा कि 1920 में उन्होंने भी इसी चयन प्रक्रिया का सामना किया था।

प्रधानमंत्री ने लोक सेवा में चयन के लिए ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘नागरिक प्रथम’ की भावना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन में ऐसे युवाओं की जरूरत है, जिनमें गरीबों की समस्याओं को समझने की संवेदनशीलता, समाधान खोजने की क्षमता और देश की जरूरतों की समझ हो।

उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में समय की निश्चितता जरूरी है, क्योंकि परीक्षा में देरी युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। साथ ही यूपीएससी और राज्य लोक सेवा आयोगों की क्षमता बढ़ाने तथा मिशन कर्मयोगी के तहत आईजीओटी मंच के उपयोग पर भी जोर दिया।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.