देहरादून। दून विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के विद्यार्थियों ने मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (लबासना) का शैक्षणिक भ्रमण किया। विभागाध्यक्ष प्रो. भूपेंद्र सिंह बिष्ट के मार्गदर्शन में सृष्टि गौड़, अंकिता खत्री, केयाली बौंठियाल, प्रियंशी चौहान और अंकुश ने अकादमी का भ्रमण कर प्रशासनिक व्यवस्था और प्रशिक्षण प्रक्रिया को करीब से समझा।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अकादमी के ऐतिहासिक महत्व, कार्यप्रणाली और प्रशासनिक वातावरण के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने लोक सेवकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया, प्रशासनिक कार्यों की प्रकृति और राष्ट्र निर्माण में सिविल सेवाओं की भूमिका को समझने का प्रयास किया। भूगोल के विद्यार्थियों के लिए यह भ्रमण कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का अवसर भी बना।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को प्रशासनिक प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी मिली। उन्होंने यह समझने का प्रयास किया कि देश की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने में प्रशिक्षित लोक सेवकों की क्या भूमिका होती है और विभिन्न सामाजिक, भौगोलिक तथा सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक कार्य किस प्रकार किए जाते हैं।
शैक्षणिक भ्रमण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मालदीव से आए सिविल सेवकों के साथ विद्यार्थियों का संवाद रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने मालदीव की शिक्षा व्यवस्था, जीवनशैली, संस्कृति और भौगोलिक विशेषताओं के बारे में जानकारी हासिल की। विदेशी सिविल सेवकों ने भी विद्यार्थियों से उत्तराखंड के भूगोल, संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय जीवन से जुड़े विषयों पर बातचीत की।
इस संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न देशों की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधताओं को करीब से समझने का अवसर मिला। साथ ही, आपसी बातचीत ने विद्यार्थियों के ज्ञान और दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में मदद की।
विभागाध्यक्ष प्रो. भूपेंद्र सिंह बिष्ट के मार्गदर्शन में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अनुभव माना गया। भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को भूगोल विषय को प्रशासन, समाज, संस्कृति और विकास के व्यापक संदर्भ में समझने का अवसर मिला। विश्वविद्यालय के इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से बाहर व्यावहारिक जानकारी हासिल करने में भी मदद करते हैं।