आयुर्वेद दिवस पर सीएम धामी ने की धन्वन्तरि पूजा, प्रदेशवासियों के लिए मांगी खुशहाली

देहरादून। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आयुष मंत्रालय के अनुसार, 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाने का निर्णय केंद्र सरकार ने 2025 में लिया था।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और विभिन्न रोगों से बचाव की दिशा में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने और पारंपरिक ज्ञान के महत्व को समझने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं है, बल्कि जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाए रखने की एक व्यापक परंपरा के रूप में भी देखा जाता है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के दौर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है और इस दिशा में आयुर्वेद उपयोगी भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद और भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है। सरकार की ओर से आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा परंपराओं की उपयोगिता को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में समझा जा रहा है।

आयुष मंत्रालय भी आयुर्वेद दिवस के माध्यम से आयुर्वेद को वैज्ञानिक, साक्ष्य आधारित और समग्र स्वास्थ्य पद्धति के रूप में बढ़ावा देने पर जोर देता रहा है।

भगवान धन्वन्तरि की पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के निरोगी जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री का यह संदेश स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित रहा।

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