‘यूनियन सृजन’ ने जीता राजभाषा का सम्मान, यूनियन बैंक को मिला प्रथम पुरस्कार

देहरादून। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। बैंक की हिंदी गृह पत्रिका ‘यूनियन सृजन’ को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ‘ख’ भाषाई क्षेत्र में गृह पत्रिकाओं की श्रेणी में राजभाषा कीर्ति पुरस्कार योजना का प्रथम पुरस्कार मिला है। यह सम्मान बैंक की हिंदी पत्रिका और राजभाषा संबंधी कार्यों को मिला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर का सम्मान माना जा रहा है।

पुरस्कार केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित सिडको एक्जिबिशन केंद्र में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आशीष पाण्डेय ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के हाथों यह पुरस्कार प्राप्त किया।

सम्मेलन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पुरस्कार मिलने पर बैंक से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे राजभाषा हिंदी के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।

सम्मेलन के दूसरे सत्र में यूनियन बैंक की ‘विविध आयाम’ पुस्तक शृंखला के तहत तैयार पुस्तक ‘कारोबार सर्वोपरि, अनुपालन निरंतर’ का भी विमोचन किया गया। पुस्तक के माध्यम से बैंकिंग कारोबार के साथ अनुपालन की निरंतरता और संस्थागत जिम्मेदारियों से जुड़े पहलुओं को सामने रखा गया है।

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समावेशन और तकनीकी नवाचार से जुड़ी पहल भी देखने को मिली। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार ने पांच दृष्टि दिव्यांगजनों को एआई-संचालित चश्मे प्रदान किए। इस पहल का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से दृष्टिबाधित लोगों के लिए उपयोगी सहायता उपलब्ध कराना रहा।

‘यूनियन सृजन’ को मिले प्रथम पुरस्कार के साथ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। बैंक की ओर से हिंदी के प्रयोग, लेखन और संस्थागत कार्यों में राजभाषा के प्रभावी उपयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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