रुड़की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत 20 सितंबर को उत्तराखंड पहुंचेंगे। उनके दौरे की शुरुआत रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक से होगी। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि रावत सुबह करीब साढ़े 11 बजे रामपुर तिराहा पहुंचकर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
नारसन के अनुसार, रामपुर तिराहा से रावत नारसन पहुंचेंगे, जहां आमजन से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद मंगलौर और रुड़की होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे। हरिद्वार में मां गंगा की पूजा-अर्चना और दुग्धाभिषेक का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
इसके बाद रावत लच्छीवाला स्थित मणिमाई मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। देहरादून में कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर भी वे शहीदों को नमन करेंगे। उनके कार्यक्रम में कालू सिद्ध मंदिर, लक्ष्मण सिद्ध मंदिर, मांडू सिद्ध मंदिर और माणक सिद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना भी शामिल है।
श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि इन कार्यक्रमों के जरिए रावत उत्तराखंड के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आगामी राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत करेंगे। उनके दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, कार्यक्रम को लेकर सामने आई जानकारी मुख्य रूप से कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता की ओर से दी गई है।
रावत पहले भी अपनी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल से जुड़े मामलों में जांच का सामना करने की बात भी कही है।
लंबे समय तक स्वास्थ्य लाभ के बाद रावत के उत्तराखंड दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी उत्सुकता है। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम में धार्मिक स्थलों के साथ शहीद स्मारकों को शामिल किया गया है। इससे दौरे का राजनीतिक और सामाजिक दोनों पक्ष सामने आता है। 20 सितंबर को उनके विभिन्न स्थानों पर पहुंचने के दौरान स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है।