देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा है कि पार्टी आगामी चुनाव में सरकार के विकास और जनकल्याणकारी कार्यों के साथ विपक्ष की राजनीति से जुड़े मुद्दों को भी जनता के बीच रखेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जातिवाद, भ्रष्टाचार और कथित विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ जनता को जागरूक करेगी।
मीडिया के सवालों के जवाब में भट्ट ने कहा कि भाजपा डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सकारात्मक मुद्दों के आधार पर मतदाताओं के बीच अपनी बात रखेगी और सरकार के कामकाज के आधार पर जनसमर्थन मांगेगी। साथ ही विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों और आरोपों का जवाब भी राजनीतिक स्तर पर दिया जाएगा।
भट्ट ने कहा कि भाजपा कथित तौर पर जातिवादी और विभाजनकारी नैरेटिव को चुनावी मुद्दा बनाएगी। उन्होंने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद का भी उल्लेख किया। इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पहले से जारी हैं। सितंबर में इस प्रकरण को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ बेंगलुरु में जीरो एफआईआर दर्ज होने की खबर भी सामने आई थी।
भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हल्द्वानी की घटना को लेकर ऐसा नैरेटिव बनाने का प्रयास किया, जिससे उत्तराखंड की छवि प्रभावित हुई। हालांकि, ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं और कांग्रेस इस पूरे प्रकरण पर अलग राजनीतिक दृष्टिकोण रखती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में कथित डेमोग्राफिक बदलाव और विभाजनकारी ताकतों से जुड़े विषयों को भी जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव के दौरान विकास, जनकल्याण, सामाजिक समरसता और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी। इस बयान के साथ ही 2027 के चुनाव से पहले उत्तराखंड में मुद्दों को लेकर सियासी बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।