हर विकासखंड में बनेगी नशे के खिलाफ टीम, जानिए कौन-कौन होगा शामिल

देहरादून। नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर प्रभावी रोक लगाने और नशामुक्त भारत अभियान (NMBA) तथा राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPDDR) को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए जिले के विकासखंडों में खंड स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां नशे के खिलाफ जागरूकता गतिविधियों के संचालन के साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और अभियान की निगरानी करेंगी।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक विकासखंड में गठित समिति के अध्यक्ष खंड विकास अधिकारी होंगे। समिति में ग्राम पंचायत अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से नामित शिक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी अथवा जिला परिवीक्षा अधिकारी द्वारा नामित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नामित आशा कार्यकर्ता को सदस्य बनाया गया है। सहायक समाज कल्याण अधिकारी को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

समिति की जिम्मेदारी विकासखंड स्तर पर नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की होगी। इसके तहत युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने, ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और नशे की रोकथाम से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया जाएगा।

अभियान के तहत विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय समुदाय को भी जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने को महत्वपूर्ण माना गया है।

विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कार्मिकों को समिति में शामिल किए जाने से अभियान को बहु-विभागीय स्वरूप मिलेगा। विकास, पंचायत, शिक्षा, बाल विकास, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग आपसी समन्वय से नशामुक्ति से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। साथ ही गांव से लेकर विकासखंड स्तर तक संचालित कार्यक्रमों की निगरानी भी की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य अभियान को केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे स्थानीय स्तर पर लगातार संचालित करना है।

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