विधायक की बेटी पर नौकरी और पीजी साथ करने का आरोप, अब जांच में नया मोड़

बागलकोट, 16 सितंबर। कर्नाटक के बागलकोट में विधायक उमेश मेटी की बेटी डॉ. अंकिता यारगल सरकारी नम्मा क्लिनिक में मेडिकल ऑफिसर की ड्यूटी और निजी मेडिकल कॉलेज से पोस्ट-ग्रेजुएशन की पढ़ाई को लेकर जांच के घेरे में हैं। आरोप है कि उन्होंने पीजी की पढ़ाई के दौरान नम्मा क्लिनिक में तैनाती जारी रखी और इस अवधि में 70 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन भी प्राप्त किया।

मामले की जांच बागलकोट जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन बाले कर रहे हैं। निर्धारित जांच में डॉ. यारगल के उपस्थित नहीं होने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उन्हें 18 सितंबर को सुबह 10 बजे जिला पंचायत कार्यालय के कमरा नंबर 11 में होने वाली अगली जांच में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच से जुड़े नोटिस के मुताबिक, डॉ. यारगल कथित तौर पर 3 मार्च से सितंबर तक वाम्बे कॉलोनी स्थित नम्मा क्लिनिक से अनुपस्थित रहीं। अधिकारियों का कहना है कि उनकी गैरमौजूदगी के चलते क्लिनिक में मेडिकल ऑफिसर उपलब्ध नहीं रहा, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि निजी मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई के दौरान सरकारी क्लिनिक में नौकरी करने के लिए डॉ. यारगल ने आवश्यक अनुमति ली थी या नहीं। अधिकारी इस मामले में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े सेवा नियमों और चिकित्सकीय पेशेवर आचार संहिता के प्रावधानों की भी जांच कर रहे हैं।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा मामले को कर्नाटक मेडिकल काउंसिल और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के समक्ष भेजने तथा कथित दोहरी भूमिका के दौरान प्राप्त वेतन की वसूली पर भी विचार किया जा सकता है।

हालांकि, अधिकारियों के अनुसार किसी भी कार्रवाई का अंतिम निर्णय जांच पूरी होने और उसके निष्कर्ष सामने आने के बाद ही लिया जाएगा। 18 सितंबर को होने वाली अगली जांच में मामले से जुड़े तथ्यों और डॉ. यारगल के पक्ष को दर्ज किया जाएगा।

 

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