नई दिल्ली । भारत में सोने की मांग लगातार बनी हुई है और देश अपनी जरूरत का 90 फीसदी से अधिक सोना आयात करता है। ऐसे समय में बेंगलुरु स्थित डेक्कन गोल्ड माइन्स लिमिटेड ने विदेश में सोने का उत्पादन शुरू कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने मध्य एशियाई देश किर्गिस्तान में अपने अल्टिन टोर गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट को उत्पादन चरण तक पहुंचाया है। इसे किर्गिस्तान में किसी भारतीय कंपनी द्वारा सोने का उत्पादन शुरू करने का पहला उदाहरण बताया जा रहा है।
डेक्कन गोल्ड माइन्स ने किर्गिस्तान के नारिन क्षेत्र में स्थित अल्टिन टोर परियोजना से अगस्त में पहला गोल्ड डोरे तैयार किया। यह क्षेत्र खनिज संपदा से समृद्ध सोल्टन सारी और टिएन शान शियर जोन का हिस्सा है, जिसे सोने के बड़े भंडार के लिए जाना जाता है।
किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर एन. जापारोव ने ऑनलाइन समारोह के माध्यम से परियोजना में स्थापित गोल्ड प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन किया। कंपनी की स्थानीय सहायक इकाई एवेलम पार्टनर एलएलसी इस परियोजना का संचालन कर रही है। अब कंपनी उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी में जुटी है।
डेक्कन गोल्ड के एक अधिकारी ने इस उपलब्धि को कंपनी के साथ-साथ भारतीय खनन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय खनन कंपनियां जिम्मेदारी के साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं और खनिज संसाधनों के विकास में योगदान दे सकती हैं।
अल्टिन टोर परियोजना से भारत के लिए प्रत्यक्ष रूप से घरेलू सोने की आपूर्ति बढ़ने की बात नहीं कही गई है, लेकिन विदेशों में भारतीय कंपनियों की खनन क्षमता के विस्तार को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोने समेत महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आयात पर निर्भरता कम करने और संसाधन सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में इस तरह की वैश्विक परियोजनाओं को अहम कदम माना जा सकता है।