सोमेश्वर में शौचालय की बदहाली पर कांग्रेस का हमला, गरिमा दसौनी ने उठाए सवाल

देहरादून। सोमेश्वर क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय की बदहाल स्थिति को लेकर सामने आई एक युवती की परेशानी ने उत्तराखंड में महिलाओं के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवती के मुताबिक, अचानक माहवारी आने के दौरान उसे शौचालय की जरूरत पड़ी, लेकिन जिस सार्वजनिक शौचालय में वह पहुंची, वहां दरवाजा तक नहीं था। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने सरकार से महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ सार्वजनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को पर्यटन और महिलाओं के लिए सुरक्षित राज्य बनाने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं को जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सीधे तौर पर महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी है।

दसौनी ने कहा कि मामला सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र का है, जिसकी विधायक रेखा आर्य प्रदेश सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही महिलाओं को शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है तो प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की स्थिति क्या होगी।

कांग्रेस प्रवक्ता ने अल्मोड़ा में एक विदेशी महिला पर्यटक को सार्वजनिक महिला शौचालय की सुविधा नहीं मिलने की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पर्यटन प्रदेश के रूप में उत्तराखंड की छवि और सार्वजनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

उन्होंने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन का सामान्य जैविक हिस्सा है और इस दौरान स्वच्छ, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शौचालय उपलब्ध होना जरूरी है। उन्होंने सरकार से बाजारों, बस अड्डों, पर्यटन स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए अलग शौचालय बनाने की मांग की।

दसौनी ने शौचालयों में दरवाजे, पानी, सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर, नियमित सफाई और उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के साथ स्पष्ट साइन बोर्ड लगाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शौचालय तलाशने के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए उनकी लोकेशन की जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। सरकार को घोषणाओं से आगे बढ़कर बुनियादी सुविधाओं की जमीनी स्थिति सुधारनी चाहिए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.