ईरान को मनाने निकले ट्रंप, तभी सऊदी टैंकर पर हमला; बढ़ा तनाव

वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बीच पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर पेचीदा होते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी में हैं। इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर को ईरान के साथ बातचीत दोबारा शुरू कराने की कोशिश के तहत अहम भूमिका सौंपी गई है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने पिछले सप्ताह पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से फोन पर बातचीत की थी। पाकिस्तान के सूत्रों का दावा है कि बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू कराने में पाकिस्तान की मदद मांगी। अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान ईरान के साथ अपने संबंधों और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उसे बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश करे।

इस कूटनीतिक प्रयास के बीच लाल सागर के पास सऊदी अरब के एक तेल टैंकर पर हमला होने की खबर ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, सऊदी झंडे वाले टैंकर को एक प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद जहाज के मुख्य डेक पर आग लग गई। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि टैंकर पर हमला किसने किया। कुछ रिपोर्टों में मिसाइल हमले की बात कही गई है, लेकिन ब्रिटिश समुद्री एजेंसी ने फिलहाल इसे केवल प्रोजेक्टाइल बताया है। किसी संगठन ने आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

घटना ऐसे समय हुई है, जब हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ने की खबरें सामने आती रही हैं। हूती समूह की ओर से पिछले कुछ सप्ताह में सऊदी अरब के ठिकानों को निशाना बनाने की धमकियां भी दी गई हैं। ऐसे में टैंकर पर हमला क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

ईरान-अमेरिका के बीच संभावित बातचीत और लाल सागर में हुए हमले ने पश्चिम एशिया की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। अब नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत आगे बढ़ती है या क्षेत्रीय तनाव और गहराता है।

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