देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया है और सड़कों पर नाव चलाने की नौबत आ गई है। वहीं डिंडौरी में नदी-नालों के उफान के कारण 12 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। जबलपुर में बरगी डैम के 13 गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नर्मदा नदी उफान पर है।
डिंडौरी में भारी बारिश को देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ नर्सरी से 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। खरमेर नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण डिंडौरी-मंडला स्टेट हाईवे बंद कर दिया गया है। पन्ना में भी नदियां और नाले उफान पर हैं। अजयगढ़ में बीते 24 घंटे में 82.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चित्रकूट और रीवा में जलभराव
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाजार और सड़कें पानी में डूब गई हैं। गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। रीवा के कई इलाकों में पानी भरने से घरों और दुकानों में रखा सामान प्रभावित हुआ है। सतना के भुमकहर गांव में एक 55 वर्षीय चरवाहे के नाले में बहने की सूचना है। एसडीईआरएफ की टीम उसकी तलाश में जुटी है।
जबलपुर में बरगी बांध के चार और गेट खोले जाने के बाद अब कुल 13 गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते नर्मदा का जलस्तर बढ़ गया है और भेड़ाघाट का प्रसिद्ध धुआंधार जलप्रपात पानी के तेज बहाव के कारण नजर नहीं आ रहा है। प्रशासन ने लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
मैहर और उमरिया में भी बिगड़े हालात
मैहर के अमरपाटन क्षेत्र में कई नदियां उफान पर हैं। पुलों और रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है तथा कई घरों में जलभराव हुआ है। उमरिया में टेढ़िया नदी पर बनी सड़क पहली ही बारिश में बह गई, जिससे करीब 500 ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। मंडला में भी नर्मदा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। पुलिस, एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं।
