After Header-1

सुशासन से रोजगार तक, 25 साल बाद उत्तराखंड के लिए नई दिशा का रोडमैप

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेशवासियों, सचिवालय परिवार, पुलिस एवं पीएसी जवानों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के 25 वर्षों के सफर का आत्मावलोकन करते हुए सुशासन, विकसित उत्तराखंड, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और हिमालय संरक्षण को भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल करने का संकल्प व्यक्त किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष उपलब्धियों के साथ चुनौतियों पर भी विचार करने का अवसर हैं। उत्तराखंड का गठन केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि पर्वतीय क्षेत्र की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लंबे संघर्ष का परिणाम था। अब इन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास को नई गति देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रदेश का लक्ष्य ‘विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड’ होना चाहिए। इसके लिए परिणाम आधारित प्रशासन और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। सचिवालय में लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश के गांवों और आम नागरिकों के जीवन पर प्रभाव डालता है, इसलिए प्रशासन को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।

मुख्य सचिव ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की वास्तविक ताकत गांवों, महिलाओं, युवाओं और प्राकृतिक संसाधनों में है। युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप, नवाचार, पर्यटन, आईटी, नवीकरणीय ऊर्जा और क्रिएटिव इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ाने होंगे।

हिमालय और पर्यावरण संरक्षण को विकास के साथ जोड़ने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की नदियां और जंगल राज्य की जीवनरेखा हैं। विकास की योजनाओं में इनके संरक्षण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

पर्यटन को लेकर उन्होंने जिम्मेदार, टिकाऊ और उच्च मूल्य वाले पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही। अंत में मुख्य सचिव ने स्वतंत्रता दिवस को जिम्मेदारी और संकल्प का पर्व बताते हुए कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ प्रदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.