बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट से निवेशक सतर्क

मुंबई,  भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों की धारणा कमजोर रही। अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकाबंदी की धमकी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता के बीच बाजार में बिकवाली का दबाव नजर आया।

शुरुआती कारोबार में 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 52.35 अंक गिरकर 24,343.50 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 243.62 अंक की गिरावट के साथ 77,836.34 पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में गिरावट के दौरान टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों पर दबाव अधिक रहा।

व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप में 0.17 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी मेटल कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में रहा। इसके विपरीत निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर निवेशकों के रुख पर पड़ रहा है। वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों के बीच घरेलू निवेशक भी सतर्कता के साथ कारोबार कर रहे हैं।

इससे एक दिन पहले गुरुवार को भी भारतीय बाजार में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों में सावधानी बनी रही। हालांकि, दिन के अंतिम हिस्से में हुई खरीदारी के चलते सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ था।

गुरुवार को सेंसेक्स 113.61 अंक चढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 78,119.39 के उच्चतम और 77,665.89 के निचले स्तर तक पहुंचा, यानी पूरे दिन इसमें 453.5 अंकों का उतार-चढ़ाव रहा।

दूसरी ओर, निफ्टी 40.10 अंक गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ। इसके साथ ही निफ्टी में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। बाजार की आगे की दिशा अब वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर रहने की संभावना है।

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