ब्राजील से भिड़ने के लिए भारत ने लिया बड़ा फैसला, आसियान कप से हटेगी टीम

नई दिल्ली,  भारतीय फुटबॉल टीम ने ब्राजील के खिलाफ 3 अक्टूबर को होने वाले बहुप्रतीक्षित मैत्री मुकाबले को प्राथमिकता देते हुए आगामी फीफा आसियान कप में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस फैसले की जानकारी फीफा और टूर्नामेंट के आयोजकों को भी दे दी गई है।

एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा कि पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ खेलने का मौका भारतीय टीम को बार-बार नहीं मिलता। ऐसे में इस मुकाबले को छोड़ना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि महासंघ अब ब्राजील के खिलाफ होने वाले मैच की तैयारियों पर पूरा ध्यान केंद्रित करेगा।

हालांकि, एआईएफएफ यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि आसियान कप से हटने के बाद भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त मैच खेलने का अवसर मिलता रहे। इसी रणनीति के तहत महासंघ ब्राजील के अलावा दो अन्य मजबूत और बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के साथ मैत्री मैच कराने की कोशिश कर रहा है।

चौबे के मुताबिक, इन मुकाबलों का कार्यक्रम ब्राजील के मैच से पहले या बाद में तय किया जा सकता है। जरूरत के अनुसार 3 अक्टूबर से पहले ही दो मैत्री मुकाबले आयोजित किए जाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल का अनुभव दिलाना और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना है।

दरअसल, भारत ने शुरुआत में आसियान कप में भाग लेने के लिए फीफा का निमंत्रण स्वीकार किया था। बाद में उसे इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के साथ डिविजन-1 ग्रुप ए में रखा गया था। यह प्रतियोगिता 21 सितंबर से 6 अक्टूबर के बीच फीफा इंटरनेशनल विंडो के दौरान आयोजित होनी थी।

लेकिन कोलकाता के प्रतिष्ठित साल्ट लेक स्टेडियम में 3 अक्टूबर को ब्राजील के खिलाफ प्रस्तावित मुकाबले की तारीख आसियान कप के कार्यक्रम से टकरा रही थी। इसी वजह से एआईएफएफ ने टूर्नामेंट से हटने का निर्णय लिया।

महासंघ का मानना है कि ब्राजील जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए बड़ा अनुभव साबित हो सकता है। साथ ही अन्य मजबूत टीमों के खिलाफ प्रस्तावित मैत्री मैचों से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का अतिरिक्त मौका मिलेगा।

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