देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के साथ संवाद करते हुए युवाओं को बदलती तकनीक और रोजगार के नए दौर के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पलायन, रोजगार, उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और देहरादून में बढ़ती यातायात जाम की समस्या से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे।
पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रिवर्स माइग्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं संचालित कर रही है। पर्यटन, उद्योग और फिल्म नीति के माध्यम से भी रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने पर भी लगातार काम हो रहा है। इन समूहों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन बढ़ाने और लोगों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का हब बनाने से जुड़े सवाल पर धामी ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। इससे विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
एआई और तेजी से बदलती तकनीक के बीच रोजगार की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी बदलावों के कारण रोजगार का स्वरूप लगातार बदल रहा है। हालांकि, इसके साथ नए क्षेत्रों में अवसर भी पैदा हो रहे हैं। ऐसे में युवाओं को अपनी क्षमता और कौशल को समय के साथ विकसित करना होगा।
उन्होंने युवाओं से कहा कि बदलती तकनीक को चुनौती के बजाय अवसर के रूप में देखें और नए कौशल सीखकर ‘फ्यूचर रेडी’ बनें। सरकार भी युवाओं को आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और नए रोजगार क्षेत्रों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।