रुद्रप्रयाग में बारिश से हुए नुकसान पर सरकार सख्त, मंत्री गणेश जोशी ने दिए ये निर्देश

देहरादून। मानसून और वर्षाकाल के दौरान रुद्रप्रयाग जिले में हुई क्षति को लेकर प्रदेश सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा तेज कर दी है। प्रदेश के कृषि मंत्री एवं रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को देहरादून सर्किट हाउस स्थित औद्यानिक बोर्ड के सभागार से वर्चुअल माध्यम से अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले में बारिश से हुए नुकसान और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली गई।

बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा सहित संबंधित अधिकारियों ने प्रभारी मंत्री को जिले की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। अधिकारियों ने मानसून के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सामने आई क्षति, राहत एवं बचाव कार्यों और आपदा से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी साझा की।

मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षाकाल के दौरान हुई क्षति का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सही आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि राहत और पुनर्निर्माण से संबंधित कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने विशेष रूप से आपदा प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने पर जोर दिया। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन परिवारों और लोगों को बारिश, भूस्खलन या अन्य आपदा के कारण नुकसान हुआ है, उन्हें नियमानुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

प्रभारी मंत्री ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

बैठक में जिले में राहत-बचाव व्यवस्था, क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों और आवश्यक सुविधाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी व्यवस्थाओं को जल्द बहाल करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।

गणेश जोशी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आपदा प्रभावित लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराना और क्षतिग्रस्त व्यवस्थाओं को जल्द सामान्य करना है। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर स्थिति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

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