रांची। झारखंड विधानसभा के बाहर सोमवार को जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आंदोलन अचानक उग्र हो गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पुलिस की ओर से लगाए गए सात स्तर के बैरिकेडिंग को पार करते हुए विधानसभा के गेट नंबर-एक तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों के विधानसभा की मुख्य बाउंड्री के करीब पहुंचने के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही कई स्थानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और जगन्नाथ मंदिर के पास वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। झड़प और भगदड़ में कुछ छात्रों के घायल होने की सूचना है। वहीं, कुछ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।
बारिश के बीच प्रदर्शनकारी विधानसभा के गेट नंबर-एक के सामने डटे रहे और लगातार नारेबाजी करते रहे। पुलिस लगातार उन्हें पीछे हटने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील करती रही। हालात बिगड़ने पर विधानसभा परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। कर्मचारियों, अधिकारियों और कई विधायकों को सुरक्षा के लिहाज से दूसरे गेट से बाहर निकाला गया।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मुख्य मार्गों पर सात स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। हालांकि, छात्रों के एक बड़े समूह ने मुख्य रास्ता छोड़कर खेतों और जगन्नाथपुर मंदिर की ओर जाने वाले वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया। पुलिस मुख्य बैरियर पर तैनात रही, जबकि प्रदर्शनकारी अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़ते हुए विधानसभा के गेट तक पहुंच गए।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने ड्रोन से इलाके की निगरानी शुरू कर दी। विधायक आवास क्षेत्र में भी तनाव का असर दिखाई दिया, जहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक और एसएसपी राकेश रंजन ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
इस बीच प्रदर्शन के दौरान एक अलग तस्वीर भी सामने आई। लाठीचार्ज के बाद भीड़ में फंसे एक पुलिस जवान को कुछ छात्रों ने सुरक्षित बाहर निकाला। इसका वीडियो भी सामने आया है। छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन पुलिस के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है।
फिलहाल विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।