भारत-बांग्लादेश तनाव के बीच बड़ी मुलाकात, शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर फिर बढ़ा दबाव

भारत और बांग्लादेश के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सोमवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से प्रधानमंत्री सचिवालय में मुलाकात की। इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण और उस्मान हादी हत्याकांड के आरोपियों को भारत से वापस लाने का मुद्दा प्रमुख रहा।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब शेख हसीना के भारत से वर्चुअली मीडिया को संबोधित करने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की बात कही जा रही है। ऐसे में भारतीय उच्चायुक्त और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की मुलाकात को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रत्यर्पण को लेकर ढाका का दबाव

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के अनुसार, ढाका ने भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया है। बांग्लादेश सरकार को उम्मीद है कि भारत इस मामले में सकारात्मक रुख अपनाएगा। इसके साथ ही उस्मान हादी हत्याकांड के संदिग्ध आरोपियों को भी भारत से बांग्लादेश वापस भेजने की मांग दोहराई गई है। बांग्लादेश का दावा है कि इस मामले में भारत की ओर से मांगे गए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं।

तारिक रहमान के भारत दौरे पर सस्पेंस

इस मुलाकात के बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारत ने उन्हें नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को प्रस्तावित ब्रिक्स बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। हालांकि, बांग्लादेश सरकार ने अभी यह तय नहीं किया है कि प्रधानमंत्री इस बैठक में हिस्सा लेंगे या नहीं।

विदेश मंत्री ने बताया कि भारत की ओर से बांग्लादेश को दो निमंत्रण मिले हैं। पहला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा ब्रिक्स बैठक में बिम्स्टेक अध्यक्ष के रूप में भाग लेने के लिए है। फिलहाल तारिक रहमान के भारत दौरे पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। ऐसे में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत और प्रत्यर्पण के मुद्दे पर आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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