नई दिल्ली, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत केंद्र सरकार ने शहरी गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योजना के तहत अब तक 1.25 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि इनमें से एक करोड़ से ज्यादा मकान बनकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। सरकार अब योजना के दूसरे चरण पीएमएवाई-यू 2.0 को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के मुताबिक, 6 अगस्त को संकल्प भवन में सचिव सतेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पीएमएवाई-यू 2.0 की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की आठवीं बैठक हुई। बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 2.09 लाख से अधिक नए आवासों को मंजूरी दी गई।
इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।
मंजूर किए गए नए आवासों में करीब 1.42 लाख मकान लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) श्रेणी के हैं। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अपनी जमीन पर पक्का मकान बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, 67,045 आवास किफायती आवास साझेदारी (एएचपी) के तहत बनाए जाएंगे। इनके निर्माण में राज्य सरकारों के साथ सार्वजनिक और निजी एजेंसियां भी भागीदारी करेंगी।
नई मंजूरियों के बाद पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों की संख्या 18.38 लाख से अधिक हो गई है। इनमें 14.40 लाख बीएलसी, 2.48 लाख एएचपी, 1.36 लाख ब्याज सब्सिडी योजना और 13,046 किफायती किराये के आवास शामिल हैं।
बैठक में आवास निर्माण की प्रगति, जियो-टैगिंग, धन के इस्तेमाल, लाभार्थियों के सत्यापन और निर्माण पूरा होने की स्थिति की समीक्षा की गई। राज्यों को निर्माण कार्य तेज करने और समय पर धन जारी करने के निर्देश दिए गए।
मंत्रालय के अनुसार, हाल में मंजूर 2.09 लाख आवासों में से 2.03 लाख महिलाओं को आवंटित किए गए हैं। वहीं, पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत मंजूर 1.25 करोड़ आवासों में करीब एक करोड़ महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में हैं।