गुआम में हजारों सांपों का राज खुला, DNA में मिले 19 हजार बदलाव

अमेरिकी क्षेत्र गुआम में ब्राउन ट्री स्नेक की तेजी से बढ़ती आबादी का रहस्य वैज्ञानिकों ने खोज लिया है। डीएनए के विस्तृत अध्ययन में वैज्ञानिकों को 19 हजार से अधिक ऐसे आनुवंशिक बदलाव मिले हैं, जिन्होंने इन सांपों को नए वातावरण के अनुकूल ढलने और तेजी से संख्या बढ़ाने में मदद की। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह खोज कम संख्या से शुरू होने वाली प्रजातियों की असाधारण अनुकूलन क्षमता को समझने में भी मदद कर सकती है।

जानकारी के अनुसार, करीब 80 साल पहले कुछ ब्राउन ट्री स्नेक मालवाहक जहाजों के जरिए ऑस्ट्रेलिया से गुआम पहुंचे थे। शुरुआत में इनकी संख्या बहुत कम थी, लेकिन धीरे-धीरे इनकी आबादी में जबरदस्त इजाफा हुआ। आज गुआम के कुछ क्षेत्रों में एक वर्ग मील के दायरे में करीब 30 हजार तक ब्राउन ट्री स्नेक पाए जाते हैं।

इन सांपों की बढ़ती संख्या ने गुआम के पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर असर डाला है। इनकी वजह से कई स्थानीय पक्षी प्रजातियां लगभग खत्म हो चुकी हैं। इतना ही नहीं, सांप बिजली व्यवस्था में भी लगातार परेशानी पैदा करते हैं और हर साल सैकड़ों बार बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की घटनाएं सामने आती हैं।

वैज्ञानिकों के सामने लंबे समय से सवाल था कि आनुवंशिक विविधता सीमित होने के बावजूद ये सांप इतनी तेजी से कैसे फैल गए। इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए यूनिवर्सिटी एट बफेलो के शोधकर्ताओं ने आधुनिक लॉन्ग-रीड जीनोम सीक्वेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया। अध्ययन में 19 हजार से अधिक ऐसे आनुवंशिक बदलाव सामने आए, जिन्हें पुरानी तकनीकों से पहचानना मुश्किल था।

शोध में पता चला कि इनमें से कई बदलाव सूंघने की क्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़े जीन में हुए हैं। ब्राउन ट्री स्नेक अपनी दोमुंही जीभ के जरिए हवा में मौजूद रासायनिक संकेतों को पहचानकर शिकार तलाशते हैं। बेहतर सूंघने की क्षमता ने उन्हें गुआम के वातावरण में भोजन खोजने और जीवित रहने में मदद की।

शोधकर्ताओं के अनुसार, गुआम में इन सांपों के एक-दूसरे को शिकार बनाने की घटनाएं भी कम हैं। संभव है कि बेहतर गंध पहचान क्षमता ने इसमें भूमिका निभाई हो। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अध्ययन अन्य प्रजातियों की छिपी आनुवंशिक क्षमता को समझने में भी उपयोगी साबित हो सकता है।

 

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