चांद से टकराया Falcon 9, दानूरी ने कैद की टक्कर की पूरी कहानी

वाशिंगटन। स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का दूसरा चरण चंद्रमा की सतह से टकराकर नष्ट हो गया। करीब 8,690 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हुई इस टक्कर के बाद चंद्रमा के आइंस्टीन क्रेटर के पास सतह पर नया गड्ढा बनने की जानकारी सामने आई है। खास बात यह है कि दक्षिण कोरिया के चंद्र ऑर्बिटर दानूरी ने इस घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया है। टक्कर से पहले और बाद में ली गई तस्वीरों में सतह पर आए बदलाव और मलबे के निशान दिखाई दे रहे हैं।

वैज्ञानिकों के मुताबिक यह घटना चंद्रमा की सतह और उसकी आंतरिक संरचना को समझने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। टक्कर की गति और रॉकेट के वजन की जानकारी पहले से उपलब्ध होने के कारण वैज्ञानिक इसके प्रभाव का विस्तृत अध्ययन कर सकते हैं।

फाल्कन 9 को जनवरी 2025 में दो निजी चंद्र लैंडरों को अंतरिक्ष में भेजने के मिशन के लिए इस्तेमाल किया गया था। इनमें ब्लू घोस्ट और रेजिलिएंस लैंडर शामिल थे। ब्लू घोस्ट मार्च 2025 में सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर उतर गया था, जबकि रेजिलिएंस लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मिशन के बाद रॉकेट का पहला चरण पृथ्वी पर लौट आया, लेकिन करीब 4,000 किलोग्राम वजनी दूसरा चरण अंतरिक्ष में रह गया। ईंधन खत्म होने के बाद यह हिस्सा लंबे समय तक अंतरिक्ष में घूमता रहा और अंततः चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में उसकी सतह से जा टकराया।

कोरिया एयरोस्पेस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, दानूरी ने टक्कर से लगभग 30 मिनट पहले प्रभावित क्षेत्र की निगरानी शुरू कर दी थी। ऑर्बिटर ने क्षेत्र के ऊपर कई बार उड़ान भरकर आठ अलग-अलग इमेजिंग सत्र पूरे किए। अब इन तस्वीरों और आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है।

वैज्ञानिक दानूरी से मिले डेटा की तुलना नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर के आंकड़ों से करेंगे। इससे टक्कर के कारण बने गड्ढे, सतह की मिट्टी और चंद्रमा पर प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है। इससे पहले भी कई रॉकेट चंद्रमा की सतह से टकरा चुके हैं। विशेषज्ञ इस घटना को अंतरिक्ष मलबे के सुरक्षित प्रबंधन की जरूरत से भी जोड़कर देख रहे हैं।

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