देहरादून। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से शुक्रवार को राजभवन स्थित लोक भवन में महालेखाकार (लेखापरीक्षा), उत्तराखण्ड संजीव कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई, जिसमें राज्य के प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सामान्य चर्चा भी हुई।
शिष्टाचार भेंट के दौरान राज्यपाल ने महालेखाकार संजीव कुमार का स्वागत करते हुए उनके दायित्वों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने में लेखापरीक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वित्तीय अनुशासन और सार्वजनिक धन के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए लेखापरीक्षा विभाग का योगदान बेहद अहम माना जाता है।
महालेखाकार संजीव कुमार ने भी राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए उत्तराखण्ड में लेखापरीक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने विभाग द्वारा वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही विभाग की कार्यप्रणाली और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर भी संक्षिप्त चर्चा हुई।
बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में वित्तीय निगरानी की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया। राज्यपाल ने कहा कि शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जनहितकारी बनाने में सभी संवैधानिक एवं प्रशासनिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
यह मुलाकात औपचारिक शिष्टाचार भेंट के रूप में आयोजित की गई, लेकिन इससे प्रशासनिक संस्थाओं के बीच बेहतर संवाद और सहयोग की भावना भी परिलक्षित हुई। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि महालेखाकार कार्यालय भविष्य में भी अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए राज्य के सुशासन और वित्तीय अनुशासन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।