हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अपने अंतिम और सबसे व्यस्त चरण में पहुंच चुकी है। लाखों की संख्या में शिवभक्त गंगाजल लेने और अपने गंतव्य की ओर रवाना होने के लिए हरिद्वार पहुंच रहे हैं। वहीं डाक कांवड़ की शुरुआत के साथ श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा होने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायजा लेने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन हरिद्वार पहुंचे।
एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने सबसे पहले सीसीआर स्थित मेला कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। यहां स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से उन्होंने प्रमुख कांवड़ मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से मौजूदा हालात की जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने एडीजी को कांवड़ मेले के लिए तैयार किए गए ट्रैफिक प्लान, डायवर्जन व्यवस्था, हाईवे की स्थिति और कांवड़ पटरी पर श्रद्धालुओं की आवाजाही की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने-अपने राज्यों की ओर रवाना हो चुके हैं, जबकि आने वाले घंटों में डाक कांवड़ के कारण यातायात का दबाव और बढ़ने की संभावना है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडीजी ने अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने एसपी ट्रैफिक निशा यादव सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने, पार्किंग स्थलों से वाहनों की सुचारु निकासी सुनिश्चित करने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखने के निर्देश दिए।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के चरम चरण में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि बढ़ती भीड़ के बावजूद यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और श्रद्धालु सुरक्षित एवं सुविधाजनक ढंग से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।