रुड़की। श्रावण मास के पावन अवसर पर कांवड़ मेले के शुरू होते ही रुड़की में शिवभक्तों की सेवा के लिए विभिन्न संगठनों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में श्रीगणेश धाम मंदिर सेवादल की ओर से गंगनहर किनारे कांवड़ सेवा शिविर शुरू किया गया। पूर्व मेयर गौरव गोयल ने पूजा-अर्चना कर शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में पहुंच रहे कांवड़ यात्रियों की निस्वार्थ भाव से सेवा की जा रही है।
शिविर के शुभारंभ के मौके पर सैकड़ों शिवभक्तों को भोजन का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन स्थल पर कांवड़ियों की सुविधा को देखते हुए निःशुल्क भोजन, शुद्ध पेयजल और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की गई है। रुड़की शहर से होकर गुजर रहे बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री यहां पहुंचकर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं और कुछ समय विश्राम भी कर रहे हैं।
पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सेवा करना भगवान भोलेनाथ की सच्ची आराधना के समान है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में शिवभक्तों की सेवा करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। सेवा, समर्पण और मानवता भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान हैं और कांवड़ यात्रा के दौरान इन मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने शिवभक्तों और अन्य श्रद्धालुओं से कांवड़ यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी यात्री यातायात नियमों का पालन करें और यात्रा के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार का कचरा नदी या उसके आसपास न डालने की अपील भी की गई।
गोयल ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा और सामाजिक समरसता का भी संदेश देती है। ऐसे सेवा शिविर यात्रियों को राहत देने के साथ समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।
शिविर के संचालन में सुमित आहूजा, सुरेंद्र आहूजा, मनोज अग्रवाल, राघव, सोनू अग्रवाल और विजय सेठी सहित अन्य शिवभक्त लगातार सक्रिय रहे। आयोजकों ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान शिविर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा।