उत्तरकाशी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य ने कलेक्ट्रेट में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग की तय समयसीमा के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले की पुरोला, यमुनोत्री और गंगोत्री विधानसभा क्षेत्रों में SIR के तहत कुल 2,42,822 मतदाताओं के डेटा का पुनरीक्षण किया गया है। जांच के दौरान 7,751 अनमैप्ड और 18,405 अनकलेक्ट मतदाता चिह्नित किए गए। इसके अलावा 2,955 मृत, 1,220 अनुपस्थित, 12,042 स्थानांतरित और 1,982 ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई, जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज पाए गए।
आलेख प्रकाशन के आधार पर जिले के कुल 2,24,217 मतदाताओं में विसंगति और अनमैप्ड श्रेणी के तहत 63,727 नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनमें पुरोला विधानसभा क्षेत्र में 22,429, यमुनोत्री में 19,646 और गंगोत्री में 21,652 नोटिस शामिल हैं। नोटिसों का वितरण बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से कराया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार 11 सितंबर 2026 तक समयबद्ध सुनवाई के लिए जिले में 32 निर्वाचक एवं सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इनके माध्यम से दावों और आपत्तियों की सुनवाई की जाएगी।
बैठक में मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की जानकारी भी दी गई। जिले में पहले 544 मतदान केंद्र थे। पुनर्गठन के बाद पुरोला में नौ और यमुनोत्री में पांच नए मतदान केंद्र जोड़े गए हैं। अब जिले में कुल 558 मतदान केंद्र हो गए हैं। राजनीतिक दलों ने निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग के लिए 986 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए हैं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने BLO और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोटिस वितरण और सुनवाई की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। बैठक में एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम देवानंद शर्मा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश मोहन राणा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।