दुबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप के लिए नया प्रारूप जारी कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 57 मुकाबले खेले जाएंगे। मैच तीनों देशों के 12 स्टेडियमों में आयोजित होंगे। इनमें दक्षिण अफ्रीका के आठ, जिम्बाब्वे के तीन और नामीबिया का एक मैदान शामिल है।
टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा मुकाबले दक्षिण अफ्रीका में होंगे। यहां जोहान्सबर्ग का वांडरर्स, सेंचुरियन का सुपरस्पोर्ट पार्क, केपटाउन का न्यूलैंड्स, डर्बन का किंग्समीड, गकेबरहा का सेंट जॉर्ज पार्क, ब्लोएमफॉन्टेन का मंगाउंग ओवल, पार्ल का बोलैंड पार्क और कुगोम्पो सिटी का बफेलो पार्क मैचों की मेजबानी करेंगे।
सह-मेजबान जिम्बाब्वे में हरारे स्पोर्ट्स क्लब, बुलावायो का क्वींस स्पोर्ट्स क्लब और विक्टोरिया फॉल्स का नया फाले मोसी-ओ-तुन्या इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम मुकाबलों के लिए चुना गया है। जिम्बाब्वे इससे पहले 2003 में भी दक्षिण अफ्रीका के साथ विश्व कप की सह-मेजबानी कर चुका है।
वहीं, नामीबिया के लिए यह विश्व कप ऐतिहासिक होने वाला है। देश पहली बार किसी सीनियर आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। राजधानी विंडहोक स्थित नामीबिया क्रिकेट मैदान में विश्व कप के मुकाबले खेले जाएंगे।
आईसीसी के नए प्रारूप के तहत टूर्नामेंट की शुरुआत सुपर सीरीज से होगी। इसमें रैंकिंग में 12वें से 14वें स्थान पर रहने वाली तीन टीमें मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए भिड़ेंगी। इसके बाद 12 टीमों को छह-छह के दो ग्रुपों में बांटा जाएगा। लीग चरण में हर टीम अपने ग्रुप की अन्य टीमों से एक-एक मुकाबला खेलेगी।
इसके बाद सुपर-7 चरण होगा, जिसमें दोनों ग्रुपों से आगे आने वाली टीमें और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीम शामिल होगी। इस चरण में राउंड-रॉबिन आधार पर मुकाबले होंगे। अंत में अंक तालिका की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। पहले सेमीफाइनल में शीर्ष टीम का सामना चौथे स्थान वाली टीम से और दूसरे सेमीफाइनल में दूसरे व तीसरे स्थान की टीमों से होगा। दोनों विजेता फाइनल में विश्व कप खिताब के लिए आमने-सामने होंगे।