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उत्तराखंड में बनेगा सिल्क पार्क? कृषि मंत्री ने दिए फिजिबिलिटी स्टडी के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में रेशम उद्योग को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को अपने कैंप कार्यालय में रेशम विभाग की समीक्षा बैठक कर विभागीय योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में रेशम निदेशक प्रदीप कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और रेशम उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) में सिल्क पार्क स्थापित करने की संभावनाओं का फिजिबिलिटी स्टडी (व्यवहार्यता अध्ययन) कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि सिल्क पार्क की स्थापना होती है तो इससे प्रदेश में रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे रेशम कीटपालकों, किसानों और युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड के रेशम कीटपालकों को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और नवाचारों के माध्यम से रेशम उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाई जाए। इससे प्रदेश का रेशम उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य रेशम उद्योग को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाना है, ताकि उत्तराखंड के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर पहचान मिल सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और जमीनी स्तर पर किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने पर जोर दिया।

राज्य सरकार का मानना है कि सिल्क पार्क जैसी परियोजनाएं न केवल रेशम उद्योग को नई पहचान देंगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगी। इससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कृषि के साथ जुड़े वैकल्पिक आजीविका के साधनों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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