सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने खदानों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंगलवार को रांची में 37वीं कॉर्पोरेट स्तरीय त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की। बैठक में खदान सुरक्षा, वैधानिक अनुपालन, व्यावसायिक स्वास्थ्य और श्रमिकों के हितों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान डीजीएमएस अधिकारियों और सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों को शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
बैठक की अध्यक्षता सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) निलेंदु कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम में डीजीएमएस के वरिष्ठ अधिकारी, सीसीएल प्रबंधन और सेफ्टी बोर्ड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान सुरक्षा बोर्ड के सदस्यों ने खदानों में कार्य करने के अपने अनुभव साझा किए और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में पिछली सुरक्षा समिति की बैठक में दिए गए सुझावों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अब तक हुए कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार करने और आधुनिक सुरक्षा मानकों को लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
डीडीजी (एसईजेड) एस.एस. प्रसाद ने खदानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित करने, अलग सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और वार्षिक मेडिकल परीक्षण (पीएमई) प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। वहीं आरटी मंडेकर ने महिला कर्मचारियों के लिए अलग शौचालयों का निर्माण, आधुनिक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने और व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (ओएसएच) के तहत विशेष टास्क फोर्स गठित करने का सुझाव दिया।
सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने सभी सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि कंपनी के लिए श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपयोगी सुझावों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए उत्पादन लक्ष्य हासिल करना ही सीसीएल की कार्य संस्कृति का प्रमुख उद्देश्य है।