प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण में बिहार के सीतामढ़ी जिले की ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री द्वारा राज्य की इस पहल का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे बिहार के लिए गर्व और सम्मान का विषय बताया तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
पटना के जक्कनपुर स्थित भगवान उत्सव हॉल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुना। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने बताया कि सीतामढ़ी में सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण कर सिटिंग बेंच तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ये बेंच मजबूत, टिकाऊ, आरामदायक और पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल हैं। यह पहल ‘रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल’ की सोच को व्यवहार में उतारने का प्रेरक उदाहरण है और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को साकार करती है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ के माध्यम से देशभर के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों और स्थानीय उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय उत्पादों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों का उल्लेख पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीतामढ़ी की इस पहल को राष्ट्रीय पहचान मिलने से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे राज्य में कचरा प्रबंधन और पुनर्चक्रण को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल को बिहार के अन्य जिलों में भी बढ़ावा देगी। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और पुनर्चक्रण को अपनाएं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति बिहार की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की सराहना राज्य के विकास और नवाचार को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।