उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं और जिले के आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से वर्चुअल माध्यम से सीधा संवाद भी किया।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ विद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाओं का उपलब्ध होना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पेयजल, बिजली, स्वच्छता, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन तथा सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी विद्यालय में इन सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों से ऑनलाइन बातचीत कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने और अपने भविष्य के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। साथ ही शिक्षकों से भी विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा।
प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रत्येक छात्र का अधिकार है तथा प्रशासन इस दिशा में हरसंभव प्रयास कर रहा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आवासीय विद्यालयों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।