उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) आज केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी उपयोगिता शासन-प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और जनसेवाओं सहित लगभग हर क्षेत्र में है। उन्होंने तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिकों के लिए सुगम बनाने पर जोर दिया।
लोक भवन में आयोजित शिष्टाचार भेंट के दौरान राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव नितेश कुमार झा ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच डिजिटल नवाचार, ई-गवर्नेंस, प्रशासनिक दक्षता और तकनीक के जरिए नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अपर सचिव रीना जोशी भी मौजूद रहीं।
राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक दौर में सूचना प्रौद्योगिकी सुशासन की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। डिजिटल तकनीकों के बेहतर उपयोग से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ती है, निर्णय प्रक्रिया तेज होती है और आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच पहले से अधिक आसान बनती है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाना भी है।
उन्होंने राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नवाचार आधारित कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना समय की मांग है। यदि सरकारी विभाग आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग करें, तो सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
राज्यपाल ने अधिकारियों से राज्य में तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों को गति देने और नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग से उत्तराखंड सुशासन और डिजिटल विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। बैठक के दौरान राज्य में आईटी के क्षेत्र में भविष्य की योजनाओं और डिजिटल परिवर्तन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।