शिक्षा सुधारों को लेकर जंतर-मंतर समेत देशभर में आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से सकारात्मक बातचीत के बाद अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है। शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में सरकार ने सीजेपी की प्रमुख मांगों पर सहमति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर आंदोलन समाप्त होने की जानकारी दी।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देख रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर आगे भी काम करेगी। आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग पर उन्होंने कहा कि नियमों के तहत जितना संभव होगा, उतनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सीजेपी की ओर से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने बताया कि उनकी पहली मांग तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जो पूरी हो चुकी है। दूसरी प्रमुख मांग आंदोलन के दौरान दिल्ली और भाजपा शासित राज्यों में दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की थी। सरकार ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया है कि सभी दर्ज मामलों की सूची तीन से चार दिनों के भीतर सीजेपी को उपलब्ध कराई जाएगी और आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
प्रवक्ताओं ने बताया कि सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि भविष्य में आंदोलन के कारण सीजेपी के सदस्यों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। संगठन अपनी मांगों का विस्तृत मसौदा सरकार को सौंपेगा, जिस पर मंगलवार तक लिखित आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है।
इसके अलावा, नीट परीक्षा से जुड़े तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी सरकार ने स्वीकार कर ली है। दोनों पक्षों के बीच चार सप्ताह बाद शिक्षा सुधारों को लेकर फिर बैठक होगी। सरकार से मिले आश्वासनों के बाद सीजेपी ने औपचारिक रूप से अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।