नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों के साथ कथित पुलिस झड़प को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने कई बार सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक समेत सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष अपनी बात नियमों के तहत रख सकता है। हालांकि विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा और हंगामा जारी रखा। लगातार व्यवधान के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के लगभग एक मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा में भी कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। सभापति ने विपक्षी सदस्यों से शांत रहने और नियमों के अनुसार चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सदन गंभीर विषयों पर चर्चा के लिए सर्वोत्तम मंच है, लेकिन विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे। शोर-शराबा बढ़ने पर राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
मानसून सत्र के शुरुआती दिनों से ही विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमला बोल रहा है। ऐसे में सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होने से महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रभावित हो रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दिन में दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर गतिरोध खत्म होता है या फिर संसद में टकराव का दौर जारी रहता है।