भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह ने टीम इंडिया की चयन प्रक्रिया और विश्व कप की तैयारियों को लेकर अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को पर्याप्त मौके नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि टीम प्रबंधन उन्हें विश्व कप की योजनाओं में शामिल मानता है, तो उन्हें बड़े टूर्नामेंट से पहले लगातार मैच खेलने का अवसर देना चाहिए।
युवराज सिंह ने कहा कि जायसवाल ने हाल के तीन एकदिवसीय मुकाबलों में दो शानदार शतक लगाए हैं, इसके बावजूद उन्हें नियमित अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक बाहर रखा जाता है और फिर सीधे विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उतार दिया जाता है, तो उस पर अनावश्यक दबाव बन सकता है। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त अनुभव और मैच प्रैक्टिस मिलनी चाहिए।
पूर्व विश्व कप विजेता खिलाड़ी ने 2019 विश्व कप का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय चोटों के कारण अनुभवहीन खिलाड़ियों को अचानक टीम में शामिल करना पड़ा था। उनका मानना है कि ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए चयनकर्ताओं को पहले से मजबूत बैकअप तैयार रखना चाहिए।
युवराज ने केवल युवा खिलाड़ियों ही नहीं, बल्कि टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन को रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर स्पष्ट रणनीति बनानी चाहिए। यदि वे विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा हैं तो उन्हें यह भरोसा दिया जाना चाहिए, और यदि नहीं हैं तो उनके साथ ईमानदारी से बातचीत की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के साथ स्पष्ट संवाद टीम के भीतर विश्वास पैदा करता है और उन्हें अपने करियर से जुड़े फैसले लेने में मदद करता है। बाहरी चर्चाओं और अटकलों से अधिक जरूरी यह है कि टीम प्रबंधन अपने खिलाड़ियों को उनकी भूमिका और भविष्य के बारे में साफ जानकारी दे।
युवराज सिंह का मानना है कि सफल टीम वही होती है, जिसमें अनुभव और युवा प्रतिभा का संतुलित मेल हो। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले चयन नीति में पारदर्शिता और स्पष्टता टीम इंडिया के लिए बेहद अहम होगी।