बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा विवाद: गणेश गोदियाल का हमला, न्यायिक जांच की मांग

— आरोपी कर्मचारी से संबंध होने के दावों को गणेश गोदियाल ने सिरे से खारिज किया
— मंदिर समिति पर मुख्य आरोपी को बचाने और सीसीटीवी फुटेज छिपाने का आरोप
— निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग गठित करने की मांग

कृति सिंह

देहरादून। विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। आस्था के इस प्रमुख केंद्र से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता कर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और उसके अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर तीखा हमला बोला।

गणेश गोदियाल ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए कर्मचारी से उनका किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। उनका आरोप है कि मंदिर समिति वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

गोदियाल ने आरोप लगाया कि समिति के जिम्मेदार अधिकारी मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच पूरी तरह निष्पक्ष है, तो जांच एजेंसियों को 40 दिनों की संपूर्ण सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने के बजाय केवल आठ दिनों का फुटेज ही क्यों दिया गया? उनके अनुसार यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का पद पर बने रहना उचित नहीं है। गोदियाल ने सरकार से पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

वहीं, दूसरी ओर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और उसके पदाधिकारियों ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उनका खंडन किया है। समिति का कहना है कि मामले की जांच नियमानुसार की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार का गंभीर मामला बताते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है, जबकि सत्तापक्ष और मंदिर समिति आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति और अधिक गर्माने के संकेत हैं।

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