नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सोमवार को ‘चलो संसद’ मार्च के आह्वान के कारण राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके अभिभावकों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
बताया जा रहा है कि आंदोलन के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र और अभ्यर्थी रविवार शाम से ही जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे। संसद सत्र के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक सहित प्रमुख क्षेत्रों में तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। इसमें दिल्ली पुलिस की दो परतों के साथ अर्धसैनिक बलों की एक अतिरिक्त परत तैनात की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को भी चौबीसों घंटे तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक सार्वजनिक सलाह में स्पष्ट किया कि प्रस्तावित विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही प्रशासन की ओर से इसकी मंजूरी दी गई है। उन्होंने लोगों से कानून का पालन करने और बिना अनुमति किसी भी मार्च में शामिल न होने की अपील की।
पुलिस के अनुसार मानसून सत्र के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने या प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। केवल जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति होगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।