जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में एक बार फिर संदिग्ध ड्रोन मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार ड्रोन बरामद होने के बाद सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा बल पूरे इलाके में लगातार निगरानी और तलाशी अभियान चला रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, टेरिटोरियल आर्मी के जवानों ने शनिवार देर रात पुरमंडल क्षेत्र के सांगर गांव के खेतों में तलाशी अभियान के दौरान एक संदिग्ध ड्रोन बरामद किया। प्रारंभिक जांच के बाद ड्रोन को सुरक्षा एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले लिया और विस्तृत फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि ड्रोन कहां निर्मित हुआ, उसकी तकनीकी क्षमता क्या है और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल के दिनों में सीमा से सटे इलाकों में ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। आशंका जताई जा रही है कि इनका इस्तेमाल घुसपैठ, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी या खुफिया जानकारी जुटाने जैसी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि बरामद ड्रोन किसी विशेष मिशन पर था या उसके जरिए कोई सामान भेजा गया था।
गौरतलब है कि इससे पहले 14 जुलाई को जम्मू क्षेत्र के देवक गांव के पास एक खुले मैदान से भी एक संदिग्ध ड्रोन बरामद हुआ था। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी है। इसके बाद सीमा से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है।
सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी को कोई संदिग्ध उड़ने वाली वस्तु या असामान्य गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।