स्वच्छता पर विदुषी ‘निशंक’ का बड़ा संदेश, युवाओं से की जनआंदोलन बनाने की अपील

स्वच्छता पखवाड़ा के तहत स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय और हिमालय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में फतेहपुर, माजरी स्थित दशमेश दरबार चाली मुक्ते और जीवनवाला परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। अभियान में विश्वविद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं और स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का नेतृत्व विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष एवं ‘लेखक गांव’ की निदेशक विदुषी निशंक ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी का विषय है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे, तभी स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा।

विदुषी निशंक ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या और जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही स्वच्छता एक प्रभावी जनआंदोलन का रूप ले सकती है और समाज में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

ग्राम पंचायत जीवनवाला के प्रधान गुरजीत सिंह (लाडी) ने विश्वविद्यालय द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

अभियान के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया। सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता को निरंतर जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रदीप कोठियाल, चेतन गौड़, डॉ. उर्वशी सेमवाल, देवेश्वरी, ग्राम पंचायत जीवनवाला के ग्रामीणों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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