पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्टेशन परिसर स्थित एक भोजनालय में कथित तौर पर नकली या घटिया गुणवत्ता के पनीर का इस्तेमाल किए जाने की आशंका सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रेलवे मजिस्ट्रेट वेद प्रकाश सगर ने स्टेशन के भोजनालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई, जिसमें इस्तेमाल किया जा रहा पनीर संदिग्ध प्रतीत हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने स्वास्थ्य निरीक्षक हेमंत यादव को तुरंत पनीर के सैंपल लेने के निर्देश दिए।
इसके बाद फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट-2006 के तहत पनीर के दो सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल स्थित अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए। इसके अलावा गुणवत्ता परीक्षण के लिए एक अतिरिक्त सैंपल भी लैब में परीक्षण हेतु भेजा गया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान भोजनालय की साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। परिसर में गंदगी पाए जाने पर स्वास्थ्य निरीक्षक ने रेलवे अधिनियम की धारा-145 के तहत संबंधित भोजनालय संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना भी लगाया।
इस संयुक्त कार्रवाई में रेलवे मजिस्ट्रेट स्क्वॉड, मुख्य टिकट निरीक्षक (सीटीआई), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और न्यायालय के कर्मचारियों ने सहयोग किया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। यदि प्रयोगशाला की जांच में पनीर नकली या मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित भोजनालय संचालक के खिलाफ फूड सेफ्टी कानून और रेलवे नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।