उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को प्रदेशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 4 जुलाई से शुरू हुए 15 दिवसीय विशेष अभियान के पहले तीन दिनों में ही हजारों लोगों ने विभिन्न शिविरों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया। शिविरों में जन समस्याओं का मौके पर समाधान करने के साथ ही पात्र लाभार्थियों को कई सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
राज्य सरकार की ओर से जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहकर लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं और उनका त्वरित निस्तारण कर रहे हैं। अभियान के तहत समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राजस्व विभाग के प्रमाणपत्र, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरण, बीज तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिविरों में बड़ी संख्या में लोग सड़क, पेयजल, बिजली, राजस्व और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर भी पहुंच रहे हैं, जिनका मौके पर समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य परीक्षण कर जरूरतमंदों को चिकित्सा उपकरण भी वितरित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। इसी सोच के तहत प्रशासन स्वयं गांवों और कस्बों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है।
सरकार ने बताया कि इससे पहले दिसंबर माह में भी 45 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान चलाया गया था। उस दौरान प्रदेशभर में 681 विशेष शिविर आयोजित किए गए थे, जिनमें 5.33 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था। अभियान के दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया था। इस पहल को सुशासन की एक प्रभावी और सफल पहल के रूप में भी सराहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि” के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और सरल तरीके से मिल सके।