महाराष्ट्र के नागपुर जिले के रामटेक तालुका स्थित नेरला गांव में एक घर से एक साथ 40 कोबरा के बच्चे मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। जहरीले सांपों की इतनी बड़ी संख्या देखकर परिवार और आसपास के लोग दहशत में आ गए। हालांकि, स्नेक रेस्क्यू टीम और वन विभाग की तत्परता से सभी कोबरा के बच्चों को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना नेरला गांव निवासी राजू धोमने के घर की है। लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर गया, जिससे वे सुरक्षित ठिकाने की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर निकलने लगे। इसी दौरान राजू धोमने के घर के एक हिस्से में अचानक कई कोबरा के बच्चे रेंगते हुए दिखाई दिए। परिवार ने बिना घबराए या उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश किए तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही चाचर स्थित वाइल्ड चैलेंजर ऑर्गनाइजेशन के स्नेक रेस्क्यूअर एवं पशु कल्याण कार्यकर्ता रतन कुंभारे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में कोबरा के बच्चे होने के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद सावधानी से चलाया गया। टीम ने विशेष उपकरणों की मदद से सभी 40 कोबरा के बच्चों को सुरक्षित पकड़ लिया।
घटना की जानकारी मिलने पर रामटेक वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सहायक वन संरक्षक गोविंद कुमार लुचे और रेंज ऑफिसर राहुल शिंदे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण नियमों का पालन करते हुए सभी कोबरा के बच्चों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि मानसून के दौरान सांपों का रिहायशी क्षेत्रों में आना एक सामान्य प्राकृतिक घटना है। ऐसे में यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू किया जा सके और किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।