आंगनबाड़ी कार्य में लापरवाही पर मंत्री रेखा आर्या सख्त, अगस्त तक सभी रिक्त पद भरने का आदेश

उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय कार्यों में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में व्यस्तता का बहाना बनाकर विभागीय कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बीएलओ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ प्रतिदिन कम से कम एक घंटे अपने केंद्र पर विभागीय कार्य भी अनिवार्य रूप से करें।

मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विभाग की अधिकांश योजनाएं केंद्र सरकार से वित्तपोषित हैं और उनकी नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग होती है। यदि समय पर डेटा फीडिंग नहीं हुई तो भविष्य में मिलने वाले बजट पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इस संबंध में उन्होंने विभागीय सचिव को सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए कहा।

बैठक के बाद रेखा आर्या ने बताया कि राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने जानकारी दी कि कार्यकत्रियों के 438 और सहायिकाओं के 2,773 रिक्त पदों पर अगस्त 2026 के अंत तक नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी। इसके बाद प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर इन पदों की शत-प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित हो जाएगी।

मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी (APAAR ID) बनाए जाने की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देश दिया कि जुलाई के अंत तक सभी बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी बनवाना सुनिश्चित करें। ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का नियमित वजन दर्ज करने, पोषण ट्रैकर ऐप पर समय से डेटा अपलोड करने, पोषण सामग्री की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा बिजली, पेयजल, शौचालय और रसोई जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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