भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल किए जाने की मांग पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। उनका कहना है कि किसी उभरते खिलाड़ी को मौका देने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को बाहर करना सही रणनीति नहीं होगी। खास तौर पर उन्होंने संजू सैमसन को टीम से बाहर करने के सुझावों को पूरी तरह गलत बताया।
पुजारा का मानना है कि संजू सैमसन ने अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाई है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी के आने से उन पर किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सैमसन जैसे खिलाड़ी को लंबे समय तक भारतीय टीम का हिस्सा बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि वह टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
पूर्व टेस्ट बल्लेबाज ने कहा कि यदि टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका देना चाहता है, तो यह स्वागतयोग्य कदम है। हालांकि इसके लिए किसी स्थापित खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं होगा। उनका सुझाव है कि जरूरत पड़ने पर किसी खिलाड़ी को आराम देकर वैभव को मौका दिया जा सकता है, लेकिन शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों या नियमित खिलाड़ियों को हटाना सही फैसला नहीं होगा।
पुजारा ने स्पष्ट रूप से कहा कि संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने की मांग जल्दबाजी होगी। उनका मानना है कि वैभव को भविष्य में अवसर जरूर मिलेगा, लेकिन चयन संतुलित तरीके से होना चाहिए।
इसके अलावा पुजारा ने इंग्लैंड के खिलाफ बारिश से प्रभावित पहले टी20 मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की पारी की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद अय्यर ने एक जिम्मेदार कप्तान की तरह संयम और आक्रामकता के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया। परिस्थितियों के अनुसार उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और टीम को संभालने का काम किया।
पुजारा ने अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी की भी तारीफ की, लेकिन कहा कि उस समय श्रेयस अय्यर का क्रीज पर टिके रहना और पारी को संभालना अधिक महत्वपूर्ण था। उनके अनुसार यही परिपक्वता एक कप्तान को खास बनाती है।