नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। करीब 14,115 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना, यात्रा को सुगम बनाना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।
कैबिनेट के पहले फैसले के तहत द्वारका एक्सप्रेसवे को दक्षिण दिल्ली से जोड़ने वाली छह लेन की सड़क सुरंग के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 6,970 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि सुरंग बनने के बाद राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और शहर के प्रमुख मार्गों तक पहुंच पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक होगी। इससे रोजाना लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दूसरे बड़े फैसले के तहत उत्तर प्रदेश के कानपुर से कबरई तक 117.7 किलोमीटर लंबे एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 7,145 करोड़ रुपये है। हाईवे बनने से कानपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा का समय घटेगा और माल परिवहन अधिक तेज एवं सुगम हो सकेगा।
सरकार के अनुसार यह परियोजना पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत क्षेत्रीय विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
केंद्र सरकार का कहना है कि इन दोनों परियोजनाओं के निर्माण के दौरान और बाद में बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्राप्त होगी।