नई दिल्ली। 1 जुलाई से देशभर में आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर रसोई के खर्च, सफर, दस्तावेज़, ईंधन और वाहन खरीदने वालों की जेब पर पड़ेगा। जहां एक ओर कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी राहत मिली है, वहीं पासपोर्ट बनवाना और नई कार खरीदना महंगा हो गया है। इसके अलावा ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने पर अब पहले से दोगुना जुर्माना देना होगा।
तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 180 रुपये तक की कटौती की है। हालांकि 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कॉमर्शियल सिलेंडर सस्ता होने से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार की लागत कम होगी, जिससे बाहर खाना-पीना भी कुछ हद तक सस्ता हो सकता है।
सरकार ने पेट्रोल पंपों पर एक वाहन में प्रतिदिन 200 लीटर डीजल भरवाने की सीमा भी समाप्त कर दी है। यह प्रतिबंध पिछले महीने ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लगाया गया था। अब ट्रांसपोर्टर्स और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार डीजल भरवा सकेंगे।
पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए बड़ा बदलाव 11 जुलाई से लागू होगा। सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों के पासपोर्ट की फीस में 1,000 से 2,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। करीब 14 साल बाद पासपोर्ट शुल्क संशोधित किया गया है।
रेल मंत्रालय ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। अब टिकट के किराए के साथ कम से कम 500 रुपये अतिरिक्त देना होगा। गंभीर मामलों में अदालत दोषी पाए जाने पर जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान भी रहेगा।
वहीं, राहत की खबर यह है कि आधार कार्ड में ईमेल आईडी अपडेट कराने पर लगने वाला 75 रुपये का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इस अवधि में नागरिक बिना किसी शुल्क के अपना ईमेल अपडेट करा सकेंगे।
इसके अलावा प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भी 1 जुलाई से अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में नई कार खरीदने वाले ग्राहकों को अब पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी होगी।